साल 2025 में मैच में हार के बाद मैदान पर ही जब तत्कालीन कप्तान केएल राहुल के साथ 'तीखा संवाद' हुआ, तो ये तस्वीरें देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तूफान सी वायरल हो गईं. इस साल भी एक-दो मैच में पंत के साथ संजीव गोयनका बातचीत करते दिखाई पड़े, जिसे सोशल मीडिया के फैंस ने अपने ही अंदाज में लिया है, लेकिन अब गोयनका ने अपनी बनी इस छवि पर NDTV के ग्रुप एडिटर इन चीफ और सीईओ राहुल कंवल के साथ खास बातचीत में सफाई देते हुए कहा कि उन्हें निशाना बनाना आसान है और एक ही घटना को लेकर किसी के व्यक्ति्त्व के बारे में राय नहीं बनाई जा सकती.
जल्द ही NDTV पर प्रसारित होने जा रहे 'Walk the Talk' कार्यक्रम में जब राहुल कंवल ने डा.
गोयनका से सवाल किया- 'आप बहुत ही ज्यादा ध्यान और चर्चा के केंद्र में रहे हैं. जो कुछ भी पहले केएल राहुल और अब ऋषभ पंत के साथ हुआ, वह ठीक नहीं था? आप क्यों नहीं बताते कि ऐसी क्या बात हुई, जिसकी इतनी ज्यादा चर्चा हुई कि डा.
गोयनका गुस्सा हो गए. और हार के बाद अपने कप्तान को डांट लगा रहे हैं? कंवल के इस अहम सवाल पर एकदम से बैकफुट पर आते हुए डा. संजीव गोयनका ने कहा, '
आप जानते हैं कि पंत के साथ कभी भी डांट जैसे हालात पैदा नहीं हुए. डा. संजीव गोयनका ने हाथ ऐसे किया, वह भी सोशल मीडिया पर खबर बन जाती है. ऐसे में संजीव गोयनका पंचिंग बन जाते हैं. कोई भी एक घटना किसी शख्सियत को बयां नहीं करती. और जब आप कोई गलती करते हैं, तो आप इससे सीखते हैं. यह घटना फिर से न दोहराई जाए, आप ऐसा सीखते हैं.' लखनऊ फ्रेंचाइजी के ऑनर ने कहा, 'मुझे लगता है कि ड्रेसिंग रूम खुश हैं और टीम का माहौल बहुत ही अच्छा है. मुझे नहीं लगता कि जो बातें कही जा रही हैं, वह कोई अपने आप में मुद्दा हैं, लेकिन होता यह है कि डा.
गोयनका को निशाना बनाना आसान हो जाता है क्योंकि इससे सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यूज आते हैं. अगर आप कहते हैं कि डा. गोयनका ने डांट लगाई है, तो इससे व्यूज मिलते हैं'
क्रिकेट के मैदान के बाहर भी कुछ ऐसा ही दिखाई पड़ता है. आपके हाथ का हिलना नेशनल हेडलाइन बन जाता है? NDTV के इस सवाल पर डा. संजीव गोयनका ने कहा, 'मैं ऐसा इंसान हूं, जो नैसर्गिक रूप से हाथ के मूवमेंट के साथ बात करता हूं, लेकिन अब मैं अब अपने हाथ को पीछे रखने को लेकर सीख रहा हूं'. आप अपने आलोचकों को कैसे जवाब देना चाहेंगे, जो सोचते हैं कि आप खेल के मामले में दखल देते हैं, अपने क्रिकेटरों को बताते हैं कि कैसे खेलना है? इस सवाल पर डा.
गोयनका ने कहा, 'जो व्यक्ति कभी भी क्रिकेट नहीं खेला, उसके लिए खिलाड़ियों को खेलने के बारे में बताना एकदम बेवकूभी वाली बात है. मेरे पास विशेषज्ञों की टीम है. यह एक बड़ी टीम है और वही इसकी जिम्मेदारी संभालती है. मैं टीम को अच्छे करता देखना चाहता हूं. मैं टीम को सफल होते देखना चाहता हूं और क्रिकेट को लेकर एक जुनूनी शख्स हूं. लेकिन मैं खेल को विशेषज्ञों की तरह गहराई से नहीं समझता है