Sanju Samson: कभी उड़ाया मजाक, टीम में लेने से किया इनकार, अब संजू सैमसन ने अपने ही कप्तान को दिखाया आईना

Sanjeev Kumar

khelja|02-03-2026

कहते हैं ना कि जवाब हमेशा अपने काम से देना चाहिए, जुबान से नहीं. खास तौर पर जब सवाल उठने लग जाएं, जब अनदेखी होने लग जाए. फिलहाल तो इसका सबसे अच्छा उदाहरण टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन हैं. वही सैमसन, जिनके लिए कुछ ही दिन पहले टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में जगह बना पाना भी मुश्किल हो रहा था. वही सैमसन जिन्होंने टीम की नैया को पार लगाया. वही सैमसन, जिन्हें टीम में लेने के सवाल पर कप्तान सूर्यकुमार यादव मजाक उड़ाते हुए दिखे थे. वही सैमसन जिन्होंने टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाकर कप्तान को मुसीबत से बाहर निकाला.

कोलकाता में 1 मार्च को जब सेमीफाइनल की होड़ में टीम इंडिया वेस्टइंडीज से लोहा ले रही थी, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इस मैच का स्टार आखिर वो बल्लेबाज बनेगा, जिसे न सिर्फ उसकी पोजिशन से हटा दिया गया था, बल्कि प्लेइंग-11 से ही बाहर कर दिया था.

वेस्टइंडीज ने जब 196 रन का लक्ष्य दिया तो लग रहा था कि इस बार तो अभिषेक शर्मा, कप्तान सूर्यकुमार यादव जैसे बल्लेबाज बड़ी पारी खेलेंगे. मगर जब टीम इंडिया की बैटिंग शुरू हुई तो कहानी एकदम इसके उलट रही.

संजू सैमसन ने न सिर्फ शुरुआत से ही अटैक किया, बल्कि आस-पास गिरते विकेटों के बीच भी एक छोर से मोर्चा संभाले रखा. इस वर्ल्ड कप में अपना तीसरा ही मैच खेल रहे सैमसन ने पिछले दो मुकाबलों की तरह ही फिर तेज शुरुआत की लेकिन उन दो मुकाबलों में जहां वो 22 और 24 रन बनाकर आउट हो गए थे, वहीं सबसे अहम मौके पर उन्होंने बड़ी पारी खेलते हुए टीम को जीत दिलाई.

संजू भले ही 3 रन से शतक से चूक गए लेकिन 97 रन की नाबाद पारी खेलकर उन्होंने टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया.

सैमसन की ये पारी उनके लिए बहुत खास थी क्योंकि उन्होंने इसके जरिए कई लोगों को जवाब दिया और इसमें टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव भी थे. असल में ग्रुप स्टेज के मुकाबलों में अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा लगातार संघर्ष कर रहे थे. ऐसे में सुपर-8 राउंड में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान सूर्या से सवाल किया गया कि क्या सैमसन को ओपनिंग में या नंबर-3 पर खिलाया जाएगा? इसके जवाब में सूर्या ने पत्रकार का मजाक उड़ाने के अंदाज में जवाब देते हुए कहा था कि क्या वो अभिषेक या तिलक को ड्रॉप कर दें.

ये जवाब देते हुए सूर्या हंस रहे थे और फिर कहा कि जो चल रहा है अच्छा चल रहा है और उसे वैसे ही चलने देते हैं.

मगर सच यही है कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार ने टीम इंडिया के सुपर-8 में पहुंचने की संभावनाएं कम होने लगी थीं तो टीम इंडिया ने वही बदलाव किया, जिसे कप्तान ने अनदेखा कर दिया था. जिम्बाब्वे के खिलाफ सैमसन की वापसी हुई और उन्होंने ताबड़तोड़ 24 रन बनाए. फिर आखिरी मैच में जब खुद कप्तान सूर्या बुरी तरह फेल रहे, तब सैमसन ने ही टीम को संभाला और जीत तक पहुंचाया.

आखिरकार मैच के बाद कप्तान ने भी अपनी टोपी उतारकर संजू के सजदे में सिर झुकाया, जो एक तरह का पश्चाताप ही नजर आया.

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